सेक्स आज से नहीं बल्कि सदियों पहले से मनुष्य के लिए अहम रहा है। और अगर आप ये सोचते हैं की सेक्स कि चाह को पूरा करने के लिए सेक्स टॉय आज के दौर का आविष्कार हैं, तो आप गलत हैं। क्योंकि हजारों साल पहले भी लोग सेक्स टॉय का इस्तेमाल करते थे।

source

source

विभिन्न देशों में खुदाई के दौरान पत्थर, लकड़ी, चमड़े और ऊंट की सूखी लीद से बने लिंग मिले हैं। ब्रिटेन में इंस्टीट्‍यूट ऑफ सेक्सोलॉजी ने ऐसे बहुत सारे खिलौने संग्रहित कर रखे हैं।

source

source

ये सेक्स खिलौने विभिन्न किस्मों, आकार में पाए गए हैं। जर्मनी में आज से 28 हजार वर्ष पहले सिल्टस्टोन से बना लिंग पाया गया था। यह अब तक का सबसे पुराना सेक्स टॉय है।

Also Read:   मर्दों को सेक्स क्यों चाहिए?

कई देशों जैसे मध्य पूर्व, मिस्र और ग्रीस में कच्चे केलों से भी लिंग बनाए जाते थे। तो वहीं 17वीं सदी में फ्रैंच नाविकों ने ‘डामे द वॉयज’ नाम की सेक्स डॉल को बनाया। ये सेक्स डॉल महीनों से समुद्र रहने के कारण नाविकों की सेक्स इच्छाएं पूरी करती थी।

source

source

वर्ष 1904 में अलकेमिस्ट रेने सवेबल ने पेरिस में एक डॉक्टर ने पुरुषों के लिए सेक्स डॉल को बनाया था।

Also Read:   यह क्रांतिकारी खोज वाहनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं, देखिये वीडियो

यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि हमारे पूर्वज कंडोम का भी प्रयोग करते थे? खुदाई के दौरान ‍विभिन्न कंडोम मिलने की भी पुष्टि होती है। 1960 में गेब्रिएल फेलोपियो ने लिनेन के कपड़े को कैमिकल में डुबोकर कंडोम बनाया था। ऐसा दावा किया जाता है कि दुनिया का सबसे पुराना कंडोम लगभग 28 हजार साल पहले जर्मनी में बनाया गया था।

Also Read:   इस गांव में हनुमान जी की पूजा करना गुनाह है

 

No more articles