अब तक का इतिहास रहा है कि पटना में गंगा के पानी का स्तर 21 अगस्त को सबसे ज़्यादा था। इसने 1994 के 50.27 मीटर के लेवल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। लेकिन इससे 10 दिन पहले ही वहां सूखे की हालत थी। NASA ने फोटो शेयर कर के जानकारी दी थी कि पटना में सूखे जैसे हैलात हैं। कौन जानता था कि बस पल भर में ही पटना चारों ओर से जलमग्न होने वाला है। NASA के द्वारा 10 अगस्त और 23 अगस्त के दो फ़ोटो जारी किए गए हैं, उससे यह अंतर का पता लगाया जा सकता  है कि 10 दिन में ही वहां क्या से क्या हालत हो गई है।

Also Read:   गैंगरेप के आरोपी को बच्चा बता कर बचाने की कोशिश!

Patna Flode 1

बिहार में जब भी बाढ़ आती है तो कहा जाता है कि नेपाल से पानी आ गया। नेपाल से आने वाली कोसी, गंडक, घाघरा, महानंदा और शारदा जैसी नदियों से ही वहां बाढ़ आती रही है। लेकिन इस बार जब बाढ़ आई तो इनमें से कोई भी नदी उफ़ान पर नहीं थी। इस बार पटना में जो बाढ़ देखी गई है वह असामान्य है।

Also Read:   ओझा रातभर करता रहा लड़कियों की लाश से खिलवाड़, हाथ जोड़े खड़े रहे मां-बाप!

Patna flode 2

ये बाढ़ इसलिए आई क्योंकि मध्य प्रदेश में सोन नदी पर ‘बाण सागर’ एक बहुत बड़ा बांध है। 19 अगस्त को सुबह वो बांध 93 फ़ीसद भर चुका था और वहां से अचानक 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया। वो उस समय छोड़ा जब पटना के निचले इलाके में बहुत बारिश हो रही थी। इन दोनों की वजह से पटना के इतिहास में अचानक सबसे ज़्यादा पानी चढ़ गया। उसके दो दिन बाद यह बलिया और भागलपुर तक चला गया।

Also Read:   आपको भी है कोल्ड ड्रिंक पीने का शौक तो उठाना पड़ सकता है भारी नुकसान!

 

 

No more articles