आम तौर पर ये देखा गया है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को ज्यादा सावधानी बरतना होता है। पीरियड्स के कारण उनकी दैनिक क्रियाविधि में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं पड़ता। लेकिन जॉर्जिया का एक फिटनेस क्लब का फैसला विवादों में घिर गया है। दरअसल, राजधानी तिब्लिसी के वेक स्विमिंग पूल और फिटनेस क्लब ने ऑर्डर दिया है कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं स्विमिंग पूल यूज न करें।

इस बात को लेकर एक नोटिस वुमन्स चेंजिंग रूम में लगाया गया था। इसमें लिखा है कि ‘डियर लेडीज! पीरियड्स के दौरान पूल में न जाएं।’ हालांकि, ऐसा पूल में गंदगी को रोकने के मकसद से किया गया था, लेकिन मामले ने अलग ही तूल पकड़ लिया है। क्लब का कहना है कि उसने कोई भी महिला विरोधी या पक्षपातपूर्ण कदम नहीं उठाया है। फिटनेस सेंटर ने कहा कि वे पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर से निकलने वाले दूषित खून से दूसरे मेंबर्स को बचाना चाहते हैं। यह नोटिस वहां पिछले 8 साल से लगा है।

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क्लब की मेंबर सोफी तबाताजे ने इस नोटिस की तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी, जिसके बाद क्लब की आलोचना हो रही है। सोफी ने लिखा कि आपको अंदाजा है कि यह कितना आपत्तिजनक है? बहरहाल, आपके नियमों के मुताबिक हमें महीने के 5-6 दिन पूल यूज करने की इजाजत नहीं है। तो क्या पुरुषों की तुलना में हमसे कम पैसे लिए जाएंगे?
कई महिलाएं पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए स्विमिंग की मदद लेती हैं। सोफी ने लिखा कि पीरियड्स के दौरान यूज किए जाने वाले सेनेटरी पैड्स दूषित ब्लड को तुरंत सोख लेते हैं। इनका पूल में फैलने का सवाल ही नहीं है।

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शोध के अनुसार, औसत व्यक्ति पूल में स्विमिंग के दौरान 0.14 ग्राम गंदगी छोड़ता है। यह पसीने, यूरीन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के रूप में शरीर से निकलती है। पूल में बैक्टीरिया को खत्म करने और इंसानों द्वारा फैलने वाली गंदगी को कम करने के लिए क्लोरीन को पानी में मिलाया जाता है।

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